अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में मंगल दोष पूजा: विधि एवं महत्व
हिंदू ज्योतिष शास्त्र में मंगल को “क्रूर ग्रह” का नाम दिया गया है, परंतु यही मंगल साहस, पराक्रम, भूमि, रक्त, ऊर्जा और युद्ध कौशल का प्रतीक भी है। जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में हो — विशेषकर लग्न, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में — तो उसे “मंगल […]
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