अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में मंगल दोष पूजा: विधि एवं महत्व

हिंदू ज्योतिष शास्त्र में मंगल को “क्रूर ग्रह” का नाम दिया गया है, परंतु यही मंगल साहस, पराक्रम, भूमि, रक्त, ऊर्जा और युद्ध कौशल का प्रतीक भी है। जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में हो — विशेषकर लग्न, दूसरे, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में — तो उसे “मंगल […]

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बटुक भैरव जयंती 24 जून 2026: राहु दोष शांति के लिए विशेष हवन

बटुक भैरव जयंती भगवान भैरव के बाल स्वरूप की आराधना का अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली दिन माना जाता है। वर्ष 2026 में 24 जून को बटुक भैरव जयंती का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से बटुक भैरव की पूजा, हवन और मंत्र जप करने से जीवन में मौजूद

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8 जून 2026 कालाष्टमी: काल भैरव की कृपा से भय, शत्रु और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति

ज्येष्ठ मास की कृष्ण अष्टमी यानी कालाष्टमी (काल भैरव अष्टमी) 8 जून 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान शिव के उग्र और रक्षक रूप काल भैरव को समर्पित है, जो समय के कोतवाल, न्याय के दंडाधिकारी और सभी प्रकार के भय, शत्रु तथा अंधेरी शक्तियों के नाशक हैं। इस दिन पूजा करने से

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गुरु पुष्य योग 21 मई 2026: गुरु चांडाल शांति का प्रभावी उपाय

21 मई 2026, गुरुवार को ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष पुष्य नक्षत्र पर गुरु पुष्य योग बन रहा है। यह योग ज्योतिष शास्त्र का सबसे शुभ और दुर्लभ योगों में से एक है। जब गुरु ग्रह पुष्य नक्षत्र में हो तो यह योग बनता है और इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, पूजा,

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16 मई 2026 शनि अमावस्या: पितृ शांति, शनि दोष निवारण और विशेष पूजा का पावन दिन

शनि अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली तिथि मानी जाती है। वर्ष 2026 में शनि अमावस्या 16 मई, शनिवार को पड़ रही है, इसलिए इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। जब अमावस्या तिथि शनिवार के दिन आती है, तो उसे शनि अमावस्या कहा जाता है और इस दिन भगवान शनि देव

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30 मई 2026 नरसिंह जयंती: भगवान नरसिंह की कृपा से भय, शत्रु और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति

ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 30 मई 2026, शनिवार को नृसिंह जयंती (नरसिंह जयंती) मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नृसिंह (आधा मनुष्य, आधा सिंह रूप) को समर्पित है। नृसिंह जयंती भक्तों को भय, शत्रु बाधा, तंत्र-मंत्र और अंधकार से मुक्ति दिलाने का सबसे शक्तिशाली अवसर है। 2026 में यह

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19 अप्रैल 2026 अक्षय तृतीया: सोना खरीदने, नई शुरुआत और दान का सबसे शुभ दिन |

19 अप्रैल 2026, रविवार को वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। यह दिन हिंदू पंचांग का सबसे शुभ और “अबूझ मुहूर्त” वाला त्योहार है। “अक्षय” का अर्थ है अविनाशी, कभी न घटने वाला। इसलिए इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान, सोना खरीदना या नया व्यापार शुरू करना हमेशा बढ़ता रहता

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17 अप्रैल 2026 वैशाख अमावस्या: पितरों की तृप्ति, ग्रह दोष मुक्ति और तर्पण, दान, पूजा के उपाय

17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को वैशाख कृष्ण अमावस्या आ रही है। वैशाख मास की अमावस्या पितर पूजा और पितृ दोष निवारण के लिए पूरे वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण अमावस्याओं में से एक मानी जाती है। इस दिन पितरों को तर्पण देने, श्राद्ध करने और दान-पुण्य करने से उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति, स्वास्थ्य और

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14 फरवरी 2026: शनि महाप्रदोष व्रत- शनि दोष शांति का महासंयोग

फरवरी 2026, शनिवार को फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पड़ रही है, जो प्रदोष व्रत का दिन है। चूंकि यह शनिवार को है, इसलिए इसे शनि प्रदोष या महाप्रदोष व्रत कहा जाता है। यह संयोग शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या से मुक्ति और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का सबसे शक्तिशाली अवसर माना जाता है। शनि

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19 से 27 जनवरी 2026: गुप्त नवरात्रि– साधना और सिद्धि का समय

यह वर्ष की दो गुप्त नवरात्रियों में से पहली है, जो तंत्र-मंत्र साधकों, सिद्धि प्राप्ति करने वालों और गुप्त शक्तियों की उपासना करने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक उत्सव हैं, गुप्त नवरात्रि गोपनीय साधना का पर्व है, जहां दस महाविद्याओं की पूजा से अद्भुत सिद्धियां

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