उज्जैन के पारदेश्वर और अंगारेश्वर महादेव में क्यों कराएं रुद्राभिषेक, कालसर्प व मंगल दोष पूजा? जानें पौराणिक रहस्य
उज्जैन (अवंतिका नगरी) को वैदिक काल से ही संपूर्ण ब्रह्मांड की काल-गणना का केंद्र और पृथ्वी का नाभि-स्थान माना गया है। कर्क रेखा (Tropic of Cancer) के ठीक ऊपर स्थित होने के कारण इस भूमि पर ग्रहों और नक्षत्रों की ऊर्जा अत्यंत प्रभावशाली होती है। यही कारण है कि ज्योतिष शास्त्र में जन्मकुंडली के गंभीर […]