9 फ़रवरी 2026: कालाष्टमी व्रत- बाधा और नकारात्मकता से मुक्ति

9 फरवरी 2026, सोमवार को फाल्गुन मास की कृष्ण अष्टमी यानी कालाष्टमी आएगी। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की विशेष पूजा के लिए जाना जाता है, जो समय के स्वामी हैं और हर तरह के भय, शत्रु, तंत्र-मंत्र बाधा तथा जीवन की रुकावटों को दूर करते हैं। इस बार सोमवार होने […]

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6 फ़रवरी 2026: संकट चतुर्थी व्रत, पूजा विधि, लाभ और उपाय

6 फरवरी 2026, शुक्रवार को फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी पड़ रही है, जो संकष्ट चतुर्थी (संकट चतुर्थी) के नाम से जानी जाती है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है, जो सभी संकटों का नाश करते हैं। इस बार की संकष्ट चतुर्थी विशेष है क्योंकि चतुर्थी तिथि 5 फरवरी रात से 6 फरवरी दोपहर तक रहेगी,

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सिंहस्थ उज्जैन 2028: तिथि, महत्व, अनुष्ठान की पूरी जानकारी

सिंहस्थ (Simhasth) भारत का सबसे विशाल, आध्यात्मिक और पवित्र कुंभ पर्व है, जो हर 12 वर्ष में उज्जैन में आयोजित होता है। यह वह अद्भुत समय होता है जब करोड़ों साधु-संत, अखाड़े, भक्त, महापुरुष और लाखों श्रद्धालु शिप्रा नदी के तट पर एकत्रित होते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा का दुर्लभ संगम देखने को मिलता है।

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जाने शनि की दृष्टि का भिन्न भावो में क्या प्रभाव होता है?

ज्योतिष में शनि की दृष्टि का प्रभाव| Saturn Aspects in Astrology वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह (Saturn) को न्याय के देवता और कर्मफल दाता माना गया है। शनि व्यक्ति के कर्मों के अनुसार उसे सुख और दुख दोनों ही प्रदान करते हैं। अक्सर लोग शनि को केवल कष्ट देने वाला मानते हैं, लेकिन वास्तव में

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मंगल का धनु राशि में प्रवेश – ऊर्जा, परिवर्तन और उपाय

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, क्रोध और कर्म का प्रतीक माना गया है। जब मंगल किसी नई राशि में प्रवेश करता है, तो यह घटना जीवन के हर क्षेत्र —करियर, स्वास्थ्य, संबंधों और निर्णयों पर प्रभाव डालती है। रविवार के दिन, मंगल ग्रह वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश

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शनि अमावस्या: शनि पूजा और श्रापित दोष शांति का उपाय

20 दिसंबर 2025, शनिवार को एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग बन रहा है, इस दिन अमावस्या तिथि और शनिवार का संयोग है, जिसे शनि अमावस्या (Shani Amavasya) कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार यह तिथि शनि ग्रह की पीड़ा, साढ़ेसाती, ढैया और श्रापित दोष को शांत करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। शनि

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मंगल प्रदोष व्रत: शिव कृपा और मंगल बल का विशेष संगम

2 दिसंबर का दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है क्योंकि इस दिन मंगलवार के प्रदोष काल में मंगल प्रदोष व्रत पड़ रहा है।प्रदोष व्रत हर चंद्रपक्ष की त्रयोदशी तिथि को आता है, और जब यह मंगलवार के दिन आता है, तो इसे मंगल प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह दिन भगवान शिव को प्रसन्न

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सोमप्रदोष व्रत का महत्व और पूजा का शुभ समय: 3 नवंबर 2025

हिंदू पंचांग के अनुसार, 3 नवंबर 2025, सोमवार के दिन सोमप्रदोष व्रत मनाया जाएगा। यह दिन भगवान महादेव शिव शंकर की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। जब प्रदोष व्रत सोमवार के दिन आता है, तब इसे सोमप्रदोष व्रत कहा जाता है, जो जीवन में शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करने वाला होता

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विद्यार्थियों के लिए ज्योतिष उपाय: पढ़ाई में सफलता और एकाग्रता के लिए प्रभावी तरीके

सरल और शक्तिशाली ज्योतिषीय उपाय जो बदल सकते हैं आपका शैक्षिक जीवन क्या आप एक विद्यार्थी हैं और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी, कम अंक या करियर की चिंताओं से जूझ रहे हैं? ज्योतिष शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि ग्रहों की स्थिति आपके शैक्षिक जीवन को प्रभावित करती है। बुध ग्रह आपकी बुद्धि और

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क्या कुंडली के दोष पूजा-पाठ और मंत्र-जप से दूर हो सकते हैं?

क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी कुंडली में मौजूद दोष (दोष, बाधा या योग) आपके जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं? ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के दोषों को जीवन की बाधाओं का कारण माना जाता है। लेकिन सवाल यह है – क्या इन दोषों को पूजा-पाठ, मंत्र जप और अन्य उपायों से वास्तव में

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