Astrology

30 मई 2026 नरसिंह जयंती: भगवान नरसिंह की कृपा से भय, शत्रु और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति

ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 30 मई 2026, शनिवार को नृसिंह जयंती (नरसिंह जयंती) मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नृसिंह (आधा मनुष्य, आधा सिंह रूप) को समर्पित है। नृसिंह जयंती भक्तों को भय, शत्रु बाधा, तंत्र-मंत्र और अंधकार से मुक्ति दिलाने का सबसे शक्तिशाली अवसर है। 2026 में यह […]

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19 अप्रैल 2026 अक्षय तृतीया: सोना खरीदने, नई शुरुआत और दान का सबसे शुभ दिन |

19 अप्रैल 2026, रविवार को वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। यह दिन हिंदू पंचांग का सबसे शुभ और “अबूझ मुहूर्त” वाला त्योहार है। “अक्षय” का अर्थ है अविनाशी, कभी न घटने वाला। इसलिए इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान, सोना खरीदना या नया व्यापार शुरू करना हमेशा बढ़ता रहता

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17 अप्रैल 2026 वैशाख अमावस्या: पितरों की तृप्ति, ग्रह दोष मुक्ति और तर्पण, दान, पूजा के उपाय

17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को वैशाख कृष्ण अमावस्या आ रही है। वैशाख मास की अमावस्या पितर पूजा और पितृ दोष निवारण के लिए पूरे वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण अमावस्याओं में से एक मानी जाती है। इस दिन पितरों को तर्पण देने, श्राद्ध करने और दान-पुण्य करने से उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति, स्वास्थ्य और

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14 फरवरी 2026: शनि महाप्रदोष व्रत- शनि दोष शांति का महासंयोग

फरवरी 2026, शनिवार को फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पड़ रही है, जो प्रदोष व्रत का दिन है। चूंकि यह शनिवार को है, इसलिए इसे शनि प्रदोष या महाप्रदोष व्रत कहा जाता है। यह संयोग शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या से मुक्ति और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का सबसे शक्तिशाली अवसर माना जाता है। शनि

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19 से 27 जनवरी 2026: गुप्त नवरात्रि– साधना और सिद्धि का समय

यह वर्ष की दो गुप्त नवरात्रियों में से पहली है, जो तंत्र-मंत्र साधकों, सिद्धि प्राप्ति करने वालों और गुप्त शक्तियों की उपासना करने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक उत्सव हैं, गुप्त नवरात्रि गोपनीय साधना का पर्व है, जहां दस महाविद्याओं की पूजा से अद्भुत सिद्धियां

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18 जनवरी मौनी अमावस्या: मौन, स्नान और पुण्य का विशेष पर्व

मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी तिथि मानी जाती है। 18 जनवरी को पड़ने वाली मौनी अमावस्या आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। इस दिन मौन, स्नान, दान और जप का पालन करने से मन, शरीर और आत्मा तीनों का शुद्धिकरण होता है। शास्त्रों में इसे आत्मसंयम और आत्मचिंतन का श्रेष्ठ

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9 फ़रवरी 2026: कालाष्टमी व्रत- बाधा और नकारात्मकता से मुक्ति

9 फरवरी 2026, सोमवार को फाल्गुन मास की कृष्ण अष्टमी यानी कालाष्टमी आएगी। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव की विशेष पूजा के लिए जाना जाता है, जो समय के स्वामी हैं और हर तरह के भय, शत्रु, तंत्र-मंत्र बाधा तथा जीवन की रुकावटों को दूर करते हैं। इस बार सोमवार होने

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6 फ़रवरी 2026: संकट चतुर्थी व्रत, पूजा विधि, लाभ और उपाय

6 फरवरी 2026, शुक्रवार को फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी पड़ रही है, जो संकष्ट चतुर्थी (संकट चतुर्थी) के नाम से जानी जाती है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है, जो सभी संकटों का नाश करते हैं। इस बार की संकष्ट चतुर्थी विशेष है क्योंकि चतुर्थी तिथि 5 फरवरी रात से 6 फरवरी दोपहर तक रहेगी,

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सिंहस्थ उज्जैन 2028: तिथि, महत्व, अनुष्ठान की पूरी जानकारी

सिंहस्थ (Simhasth) भारत का सबसे विशाल, आध्यात्मिक और पवित्र कुंभ पर्व है, जो हर 12 वर्ष में उज्जैन में आयोजित होता है। यह वह अद्भुत समय होता है जब करोड़ों साधु-संत, अखाड़े, भक्त, महापुरुष और लाखों श्रद्धालु शिप्रा नदी के तट पर एकत्रित होते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा का दुर्लभ संगम देखने को मिलता है।

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जाने शनि की दृष्टि का भिन्न भावो में क्या प्रभाव होता है?

ज्योतिष में शनि की दृष्टि का प्रभाव| Saturn Aspects in Astrology वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह (Saturn) को न्याय के देवता और कर्मफल दाता माना गया है। शनि व्यक्ति के कर्मों के अनुसार उसे सुख और दुख दोनों ही प्रदान करते हैं। अक्सर लोग शनि को केवल कष्ट देने वाला मानते हैं, लेकिन वास्तव में

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