Vijay Joshi

श्राद्ध पूजा विधि 2025: पितृ पक्ष में पितरों की शांति के लिए सरल नियम

पितृ पक्ष, जिसे श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक महत्वपूर्ण और सरल उपाय है। यह 16-दिवसीय अवधि भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन मास की अमावस्या तक चलती है। 2025 में, पितृ पक्ष 7 सितंबर से 22 सितंबर तक मनाया […]

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मेजर संदीप उन्नीकृष्णन और कुलदीपक योग: कैसे बनाते हैं विवाह और जीवन को अविस्मरणीय

मेजर संदीप उन्नीकृष्णन (Major Sandeep Unnikrishnan) एक ऐसे भारतीय सेना अधिकारी थे, जिन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों में अपने अदम्य साहस और बलिदान से देश का नाम रोशन किया। उनकी वीरता और निस्वार्थ सेवा ने उन्हें कुलदीपक योग का जीवंत प्रतीक बना दिया। ज्योतिष में कुलदीपक योग एक शुभ योग है, जो परिवार को गौरव

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कैसे मंगल और कुलदीपक योग वैवाहिक जीवन को अविस्मरणीय बनाते हैं

वैदिक ज्योतिष में जन्म कुंडली के ग्रह योग व्यक्ति के जीवन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से मंगल (Mars) और कुलदीपक योग को वैवाहिक जीवन में विशेष महत्व प्राप्त है। जहां मंगल व्यक्ति में ऊर्जा, साहस और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है, वहीं कुलदीपक योग परिवार के नाम और

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चित्रा त्रिपाठी की कुंडली: एक शक्तिशाली महिला पत्रकार

चित्रा त्रिपाठी आज के समय की एक प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध महिला पत्रकार हैं। उनका आत्मविश्वास, वाणी की स्पष्टता और निडर रिपोर्टिंग शैली उन्हें भारत की शीर्ष एंकर्स की सूची में लाकर खड़ा करती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चित्रा त्रिपाठी की जन्म कुंडली में ऐसा क्या है, जो उन्हें इतनी प्रभावशाली, लोकप्रिय

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कैसे प्राप्त करें प्रसिद्धि और गौरव? समाज में सम्मान कैसे पाएँ

प्रसिद्धि (नाम प्रतिष्ठा) और गौरव—दो ऐसे शब्द हैं जो हर इंसान के दिल में कहीं न कहीं रहते हैं। कोई बड़े आदमी के रूप में, कोई आध्यात्मिक मार्गदर्शक बनकर, कोई लेखक या वैज्ञानिक बनकर दुनिया में नाम कमाना चाहता है। लेकिन सवाल ये है — क्या वास्तव में असीम प्रसिद्धि और गौरव हासिल किया जा

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आदि शंकराचार्य का कुंभ/सिंहस्थ आयोजन का उद्देश्य: सनातन धर्म की रक्षा

कुंभ सिंहस्थ मेला, हिंदू धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक समागम, न केवल एक तीर्थयात्रा है, बल्कि सनातन धर्म की एकता और दार्शनिक गहराई का प्रतीक भी है। इस मेले की शुरुआत और इसके संगठन में 8वीं शताब्दी के महान दार्शनिक और सनातन धर्म के पुनर्जननकर्ता आदि शंकराचार्य की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

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शनि की चंद्र पर दृष्टि पड़ने से क्या परिणाम होते हैं?

वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की दृष्टि (Aspect) का अत्यंत महत्व है। जब कोई अशुभ ग्रह चंद्रमा जैसे कोमल ग्रह पर अपनी दृष्टि डालता है, तो इसका गहरा मानसिक और भावनात्मक प्रभाव पड़ता है। शनि की चंद्र पर दृष्टि को विशेष रूप से गंभीर माना जाता है, क्योंकि यह योग व्यक्ति के मनोबल, भावनात्मक स्थिरता, और

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भारतीय संस्कृति और वैवाहिक जीवन पर पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव, सद्भाव में बाधा, हिंसा की प्रवृत्ति, आत्म-क्षति

भारतीय संस्कृति अपनी समृद्ध परंपराओं, संयुक्त परिवार की भावना और वैवाहिक जीवन में आपसी विश्वास के लिए जानी जाती है। लेकिन आधुनिक युग में, पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव भारतीय समाज, विशेषकर वैवाहिक जीवन पर तेजी से बढ़ रहा है। यह प्रभाव जहां कुछ सकारात्मक बदलाव लाया है, वहीं कई नकारात्मक पहलुओं जैसे सद्भाव में कमी,

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सोम प्रदोष व्रत 23 जून 2025: सोमवार और प्रदोष का महायोग

23 जून 2025 को सोमवार के दिन आने वाला प्रदोष व्रत, जिसे सोम प्रदोष कहा जाता है, विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। यह दिन उन श्रद्धालुओं के लिए दुर्लभ योग लेकर आता है जो स्वास्थ्य, समृद्धि, वैवाहिक सुख और आध्यात्मिक उन्नति की कामना रखते

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विवाह मुहूर्त 2025: शादी के शुभ दिनों की जानकारी(जून-दिसंबर)

हिन्दू धर्म में विवाह को जीवन का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। यह न केवल दो व्यक्तियों, बल्कि दो परिवारों और संस्कृतियों का मिलन होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शादी के लिए शुभ मुहूर्त का चयन वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और सामंजस्य सुनिश्चित करता है। शुभ मुहूर्त में ग्रह-नक्षत्रों की

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